Ayushman Yojana 2026: इलाज से इनकार पर यूपी के 2 अस्पतालों पर कार्रवाई, नोटिस जारी
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना (PM-JAY) का मकसद गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार उपलब्ध कराना है। लेकिन हाल ही में उत्तर प्रदेश में दो अस्पतालों द्वारा आयुष्मान लाभार्थियों का इलाज करने से इनकार करने की शिकायत सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।
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Ayushman Yojana 2026 के तहत जारी नियमों को ठेंगा दिखाते हुए इन अस्पतालों ने पात्र मरीजों को भर्ती करने से मना कर दिया। इसके बाद विभाग ने दोनों संस्थानों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है और आगे सख्त एक्शन की चेतावनी भी दी है।
इलाज से इनकार करने पर क्यों हुई कार्रवाई?
आयुष्मान योजना के तहत किसी भी पंजीकृत अस्पताल को यह अधिकार नहीं है कि वह—
- आयुष्मान कार्ड धारक मरीज को भर्ती करने से मना करे
- पैसे की मांग करे
- इलाज में देरी करे
- कैशलेस सुविधा न दे
लेकिन यूपी के दो अस्पतालों ने न केवल मरीज को भर्ती करने से इंकार किया, बल्कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद कैशलेस सुविधा प्रदान नहीं की।
आयुष्मान योजना के नियम क्या कहते हैं?
Ayushman Yojana 2026 के नियम बिल्कुल स्पष्ट हैं—
1. कार्ड दिखाने पर तत्काल भर्ती
अस्पताल को इमरजेंसी केस में मरीज को तुरंत भर्ती करना ही होगा।
2. कैशलेस इलाज अनिवार्य
अस्पताल किसी भी रूप में पैसे नहीं मांग सकता।
3. इलाज से इनकार करना दंडनीय
- अस्पताल पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना
- एम्पैनलमेंट (पंजीकरण) रद्द हो सकता है
- कानूनी कार्रवाई भी संभव
4. मरीज के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता
जाति, धर्म, आय या अन्य किसी भी आधार पर इनकार करना अपराध है।
कौन से अस्पतालों पर कार्रवाई हुई?
सरकारी आदेश के अनुसार दो निजी अस्पतालों पर कार्रवाई की गई है।
(सरकार ने अस्पतालों का नाम सार्वजनिक रूप से प्रेस नोट में नहीं दिया—इसलिए यहां नाम नहीं लिखा जा रहा है।)
लेकिन यह जरूर स्पष्ट किया गया है कि—
- दोनों अस्पताल यूपी सरकार के आयुष्मान पैनल में शामिल थे
- दोनों ने इलाज से साफ मना किया
- शिकायत मिलते ही विभाग ने मौके पर जांच की
- इसके बाद नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया
कौन से अस्पतालों पर कार्रवाई हुई?
सरकारी आदेश के अनुसार दो निजी अस्पतालों पर कार्रवाई की गई है।
(सरकार ने अस्पतालों का नाम सार्वजनिक रूप से प्रेस नोट में नहीं दिया—इसलिए यहां नाम नहीं लिखा जा रहा है।)
- दोनों अस्पताल यूपी सरकार के आयुष्मान पैनल में शामिल थे
- दोनों ने इलाज से साफ मना किया
- शिकायत मिलते ही विभाग ने मौके पर जांच की
- इसके बाद नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया

अगर अस्पताल इलाज से मना करे तो क्या करें? (शिकायत प्रक्रिया)
आयुष्मान हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करे 14555, 1800-111-565 और नहीं तो आयुष्मान मित्र से संपर्क करें हर अस्पताल में आयुष्मान मित्र मौजूद होता है। जिला आयुष्मान कार्यालय में शिकायत करें ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध हैं। PM-JAY Portal पर Complaint Register करें।
आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त मिलने वाली सुविधाएं
- सर्जरी
- ICU उपचार
- कैंसर उपचार
- कार्डियक उपचार
- डायलिसिस
- दुर्घटना चिकित्सा
- ऑर्थोपेडिक सर्जरी
- न्यूरो सर्जरी
- स्त्री रोग उपचार
- चाइल्ड केयर सर्जरी
FAQs – Ayushman Yojana 2026
1. क्या अस्पताल आयुष्मान कार्ड होने पर पैसे मांग सकता है?
नहीं। आयुष्मान कार्ड पर पूरा इलाज मुफ्त है।
2. इलाज से इनकार करने वाले अस्पताल पर क्या कार्रवाई होती है?
नोटिस, जुर्माना, और पैनल से हटाया जा सकता है।
3. क्या निजी अस्पताल भी आयुष्मान कार्ड स्वीकार करते हैं?
हाँ, लेकिन केवल वही जो योजना में शामिल हैं।
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