बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: स्मार्ट प्रीपेड मीटर की दरें कम, 100 करोड़ रुपये वापस होंगे

बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर की दरें घटने से अब उपभोक्ताओं को बड़ा फायदा मिलने वाला है। जानकारी के मुताबिक, दरें कम होने के चलते करीब 100 करोड़ रुपये उपभोक्ताओं को वापस किए जाएंगे। बिजली नियामक आयोग ने कंपनियों के प्रस्तावों को खारिज कर यह फैसला लिया है।

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100 करोड़ रुपये कैसे और क्यों लौटाए जाएंगे?

आयोग के आदेश के अनुसार:

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  • पहले वसूली गई अतिरिक्त राशि
  • ज्यादा तय की गई मीटर दरें
  • उपभोक्ताओं से लिया गया अतिरिक्त चार्ज
 स्मार्ट प्रीपेड मीटर
स्मार्ट प्रीपेड मीटर

मीटर की दर अब 2800 और 4100 रुपये कर दी 

आयोग ने कास्ट डाटा बुक में मीटर की दर अब 2800 और 4100 रुपये कर दी है। कास्ट डाटा बुक पर उपभोक्ताओं का पक्ष मजबूती से रखने वाले उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि आयोग ने पावर कारपोरेशन के अधिकांश प्रस्तावों को खारिज कर दिया है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर की लागत को 8000 रुपये से अधिक निर्धारित करने के प्रस्ताव को आयोग ने अस्वीकार कर परिषद की मांग को स्वीकार किया है।

150 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को अब ट्रांसफार्मर, पोल या कंडक्टर जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं के लिए इस्टीमेट की चिंता नहीं करनी होगी। विभाग 300 मीटर की दूरी तक सभी आवश्यक व्यवस्थाएं स्वयं कर कनेक्शन उपलब्ध कराएगा। नई व्यवस्था के लागू होने से अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही 40 मीटर तक कनेक्शन देने की पुरानी व्यवस्था समाप्त हो जाएगी।

आयोग का सख्त रुख, उपभोक्ताओं के हित में फैसला

यदि उपभोक्ता 100 मीटर की दूरी तक दो किलोवाट का घरेलू कनेक्शन लेना चाहता है तो नई व्यवस्था में उसे केवल 5500 एकमुश्त जमा करने होंगे। 300 मीटर की दूरी पर मात्र 7555 जमा करने होंगे। पहले ऐसे मामलों में खंभे, ट्रांसफार्मर व अन्य खर्चों पर भारी राशि खर्च करनी पड़ती थी।

आम उपभोक्ताओं पर क्या पड़ेगा असर?

इस फैसले के बाद:

  • बिजली बिल में राहत मिलेगी
  • पहले से वसूली गई राशि वापस मिलेगी
  • स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ती चिंता कम होगी

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 स्मार्ट प्रीपेड मीटर
स्मार्ट प्रीपेड मीटर

FAQs

Q1. स्मार्ट प्रीपेड मीटर की दरें क्यों कम की गई हैं?

बिजली नियामक आयोग ने पाया कि प्रस्तावित दरें उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाल रही थीं, इसलिए उन्हें खारिज कर दरें कम की गईं।

Q2. 100 करोड़ रुपये उपभोक्ताओं को कैसे मिलेंगे?

यह राशि सीधे बैंक खाते में नहीं, बल्कि आने वाले बिजली बिलों में एडजस्ट की जा सकती है।

Q3. किन उपभोक्ताओं को इस फैसले का फायदा मिलेगा?

जिन उपभोक्ताओं से स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर अतिरिक्त राशि ली गई थी, उन्हें इसका लाभ मिलेगा।

Q4. क्या स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगवाना जरूरी है?

यह राज्य सरकार और बिजली विभाग की योजना पर निर्भर करता है, लेकिन इसे पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी माना जा रहा है।

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