उत्तर प्रदेश बोर्ड (UP Board) को लेकर एक बार फिर बड़ी लापरवाही सामने आई है। बोर्ड द्वारा तय किया गया छात्राओं के लिए 7 किलोमीटर के भीतर परीक्षा केंद्र का नियम इस बार सिर्फ कागजों तक ही सीमित नजर आ रहा है। कई छात्राओं को 28 किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिए गए हैं, जिससे छात्राओं और उनके अभिभावकों में भारी नाराजगी है।
इसे भी पढे ! राशन कार्ड धारकों को 3000 रुपये नकद और भी बहुत कुछ; पोंगल से पहले तमिलनाडु सरकार का ऐलान
क्या है 7 किमी का नियम?
UP Board के दिशा-निर्देशों के अनुसार:
- छात्राओं के लिए परीक्षा केंद्र अधिकतम 7 किमी की दूरी पर होना चाहिए
- सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर यह नियम बनाया गया था
- छात्राओं को अनावश्यक यात्रा से बचाने का उद्देश्य था

28 किमी दूर परीक्षा केंद्र मिलने से बढ़ी परेशानी
कई जिलों से सामने आ रही शिकायतों के अनुसार:
- छात्राओं को 25–28 किमी दूर केंद्र मिले
- सुबह-सुबह लंबा सफर तय करना मजबूरी
- परिवहन और सुरक्षा को लेकर चिंता
- गरीब परिवारों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ
दो दर्जन केन्द्र मानक से ज्यादा दूर बनाए
यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर एक और चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है। बोर्ड के नियमों के अनुसार जहां छात्राओं के लिए परीक्षा केंद्र 7 किलोमीटर के भीतर तय किए जाने थे, वहीं हकीकत में दो दर्जन से ज्यादा परीक्षा केंद्र मानक से कहीं ज्यादा दूर बना दिए गए हैं। इससे खासकर छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्या मिल सकता है समाधान?
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- केंद्र आवंटन की दोबारा समीक्षा होनी चाहिए
- छात्राओं को नजदीकी केंद्र दिए जाएं
- आपात स्थिति में केंद्र परिवर्तन की सुविधा मिले
MPPKVVCL भर्ती 2025: 10वीं–12वीं पास के लिए बिजली कंपनी में 4009 पद, लाइनमैन व सहायक भर्ती

FAQs
Q1. UP Board में परीक्षा केंद्र की दूरी का नियम क्या है?
UP Board के अनुसार छात्राओं के लिए परीक्षा केंद्र अधिकतम 7 किलोमीटर की दूरी पर होना चाहिए।
Q2. क्या परीक्षा केंद्र बदलने की मांग की जा रही है?
हां, अभिभावक और छात्राएं नजदीकी परीक्षा केंद्र देने की मांग कर रहे हैं।
Q3. इस मामले पर UP Board की क्या प्रतिक्रिया है?
फिलहाल बोर्ड की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।






