प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का मकसद उन परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है, जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। लेकिन हाल ही में कई जिलों से ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं कि PM Awas Yojana 2026 के कारण कई योग्य व असली जरूरतमंद परिवारों के नाम ही लाभार्थी सूची से हटा दिए गए हैं।
इस वजह से ग्रामीण क्षेत्रों के बड़े हिस्से में लोग काफी निराश और परेशान हैं, क्योंकि वे सभी दस्तावेज पूरे होने के बावजूद योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
PM Awas Yojana 2026 में सबसे ज्यादा शिकायतें किन राज्यों से?
2026 की शुरूआत में निम्न राज्यों से सबसे ज्यादा शिकायतें सामने आईं—
- उत्तर प्रदेश
- बिहार
- मध्य प्रदेश
- झारखंड
- राजस्थान
इन राज्यों में नए सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए गए, जिनमें से कई पूरी तरह योग्य थे।
1. गड़बड़ी आखिर हो क्यों रही है?
लोगों को सबसे ज्यादा चिंता इस बात की है कि जब सब दस्तावेज सही थे तो नाम कैसे कट गया? इसकी मुख्य वजहें यह बताई जा रही हैं:
1.1 सत्यापन टीम की गलती
कई जगहों पर सर्वे टीम ने
- गलत जानकारी दर्ज कर दी
- लोगों के घरों की स्थिति सही से नहीं देखी
- परिवार की आय का गलत आकलन किया
1.2 पोर्टल अपडेट में समस्या
कई जिलों में PMAY पोर्टल का डेटा अपडेट समय पर नहीं हुआ।
जिसके कारण पात्रता सूची में बदलाव सही तरीके से नहीं दिख रहे।
1.3 अपात्र लोगों को शामिल करना
कई गांवों में ऐसी शिकायतें मिली हैं कि
- जिनके पास पहले से पक्का घर था
- जिनकी आमदनी अधिक थी
- या जो सरकारी नौकरी में हैं
उन्हें गलत तरीके से सूची में शामिल कर दिया गया।
इससे असली गरीब परिवारों के नाम हट गए।
1.4 राजनीतिक और स्थानीय दबाव
कुछ क्षेत्रों में नाम जोड़ने-कटने में स्थानीय स्तर पर भी दबाव या पक्षपात देखा गया है।
यह भी PM Awas Yojana Me Gadbadi का कारण है।
किन लोगों के नाम हटाए गए?
PM Awas Yojana 2026 में लाभार्थी सूची से जिन लोगों के नाम हटाए गए, वे अधिकतर निम्न श्रेणियों में आते हैं—
- जिनके घर कच्चे हैं लेकिन टिनशेड लगे हैं
- जिनकी आर्थिक स्थिति का गलत आकलन किया गया
- जिनके दस्तावेजों में नाम, पता या उम्र mismatch था
- वृद्ध, विधवा, दिव्यांग, या अकेले रहने वाले लोग
- जिनके परिवार का वास्तविक सर्वे नहीं लिया गया
2026 में लागू नई पात्रता शर्तें
इस वर्ष सरकार ने पात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए कड़े नियम लागू किए—
- आवास की स्पष्ट जियो-लोकेशन
- आधार ई-केवाईसी अनिवार्य
- जमीन रिकॉर्ड का डिजिटल सत्यापन
- बैंक अकाउंट की डबल-वेरीफिकेशन
- परिवार के सभी सदस्यों का डिजिटल डेटा अपडेट
योग्य लोगों के नाम क्यों हटे? — ग्राउंड रिपोर्ट क्या कहती है?
कई परिवारों ने कहा कि—
- “हम आज भी कच्चे घर में रहते हैं, फिर भी सूची में नहीं हैं।”
- “पहले सूची में नाम था, अब बिना बताये हटा दिया।”
- “सालों से आवेदन कर रहे हैं, पर सिस्टम में गड़बड़ी दिख रही है।”
ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा परेशान वे लोग हैं जिनकी आय कम है, लेकिन दस्तावेज़ अपडेट न होने से वे अयोग्य दिख गए।
अगर आपका नाम लिस्ट से कट गया है तो क्या करें?
4.1 पंचायत/ब्लॉक कार्यालय जाएं
सबसे पहले अपनी पंचायत सचिव या ब्लॉक विकास अधिकारी से मिलें। उन्हें यह बताएं कि आपका नाम गलती से कट गया है। आवश्यक दस्तावेज लेकर जाएं यह सभी दस्तावेज आपका मामला मजबूत बनाते हैं। पुनः सर्वे की मांग करें अगर आपको लगता है कि आपके घर की स्थिति सही से नहीं देखी गई, तो दोबारा सर्वे की मांग करें।
पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें
PM Awas Yojana की आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत कर सकते हैं:
➡ https://pmayg.nic.in (ग्रामीण)
➡ https://pmaymis.gov.in (शहरी)
कब आएगी नई लाभार्थी सूची?
कई जिलों में कहा गया है कि फरवरी से मार्च 2026 के बीच नई पुनरीक्षित लिस्ट जारी होगी। इसमें गड़बड़ियों को ठीक किया जाएगा और योग्य लाभार्थियों को दोबारा शामिल किया जाएगा।
FAQ
Q1. पीएम आवास योजना में सबसे ज्यादा गड़बड़ी किस वजह से हो रही है?
मुख्य गड़बड़ी गलत सर्वे, पोर्टल अपडेट की देरी और अपात्र लोगों के नाम शामिल होने के कारण हो रही है। सत्यापन टीम की चूक की वजह से योग्य लोगों के नाम भी गलत तरीके से बाहर कर दिए गए।
Q2. अगर नाम सूची से हट गया है तो क्या दोबारा शामिल होना संभव है?
हाँ, सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र लोगों को दोबारा मौका मिलेगा। पंचायत, ब्लॉक या PMAY पोर्टल पर शिकायत करके नई सूची में नाम जोड़वाया जा सकता है।
Q3. शिकायत दर्ज कराने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, राशन कार्ड, घर की वास्तविक फोटो, परिवार रजिस्टर—ये सभी दस्तावेज नाम वापस जोड़ने में मदद करते हैं।
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