Student Credit Card Yojana Bihar 2026 छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता देने की बिहार सरकार की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक है। लेकिन हाल ही में इस योजना के माध्यम से अचानक बढ़े आवेदनों ने सरकार की चिंताओं को बढ़ा दिया है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ निजी कॉलेजों में छात्रों के नामांकन, कोर्स संरचना और आवेदन संख्या में असामान्य बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी कारण सरकार ने 15 निजी शैक्षणिक संस्थानों की जांच शुरू की है। जांच की प्रक्रिया में पटना, नालंदा, गया, भोजपुर, मुजफ्फरपुर और दरभंगा सहित कुल 6 जिलों के कॉलेज शामिल हैं।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना क्या है?
यह योजना बिहार सरकार द्वारा 2016 में शुरू की गई थी, जिसके तहत इंटर पास छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए ₹4 लाख तक का एजुकेशन लोन आसानी से उपलब्ध कराया जाता है।
मुख्य विशेषताएँ:
- कम ब्याज दर
- बिना गारंटी लोन
- अधिकतम ₹4 लाख की सहायता
- प्रोफेशनल व तकनीकी कोर्स कवर
- बेरोजगारी के दौरान ब्याज में राहत
इस योजना से लाखों छात्रों ने इंजीनियरिंग, नर्सिंग, मैनेजमेंट, मेडिकल, पैरामेडिकल और अन्य पेशेवर कोर्स पूरे किए हैं।
कौन-कौन से जिलों के कॉलेज जांच के दायरे में?
जांच के लिए चुने गए 6 जिले—
- पटना
- गया
- नालंदा
- भोजपुर
- मुजफ्फरपुर
- दरभंगा
जांच किन-किन बिंदुओं पर हो रही है?
सरकार की जांच टीम निम्न बिंदुओं पर सत्यापन कर रही है—
- छात्रों के वास्तविक प्रवेश की पुष्टि
- कोर्स की मान्यता की जांच
- फीस स्ट्रक्चर और जमा राशि का ऑडिट
- छात्रों की उपस्थिति और रिकॉर्ड
- संस्थान द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाएं
- पिछले वर्षों के परिणाम और प्लेसमेंट
अगर किसी कॉलेज में धोखाधड़ी पाई जाती है तो—
- मान्यता रद्द
- SCY में ब्लैकलिस्ट किया जाना
- कानूनी कार्रवाई
- आर्थिक दंड
जैसी कड़ी कार्यवाही संभव है।
सरकार का उद्देश्य क्या है?
इस जांच का मकसद योजना को बंद करना नहीं बल्कि:
- फ़्रॉड रोकना
- असली छात्रों को सही समय पर मदद देना
- शिक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाना
- निजी संस्थानों की मनमानी खत्म करना
योजना को आगे और बेहतर बनाने के लिए सरकार नए नियम भी जोड़ सकती है।
स्टूडेंट्स पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
जिन छात्रों ने सही तरीके से आवेदन किया है, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है।
जांच का असर केवल उन संस्थानों पर पड़ेगा जो—
- गलत तरीके से नामांकन बढ़ा रहे थे
- फर्जी छात्रों को शामिल कर रहे थे
- फीस बढ़ाकर लाभ कमा रहे थे
सही कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों का आवेदन पहले जैसा ही स्वीकार किया जाएगा।
FAQs – Student Credit Card Yojana Bihar 2026
1. 15 संस्थानों की जांच क्यों की जा रही है?
आवेदनों की संख्या अचानक बढ़ने, फर्जी नामांकन और फीस अनियमितता की शिकायतें सामने आने के बाद जांच शुरू की गई है।
2. क्या इससे छात्रों के आवेदन रुक जाएंगे?
नहीं। यदि छात्र सही कॉलेज और सही दस्तावेजों के साथ आवेदन कर रहे हैं, तो उनका आवेदन प्रभावित नहीं होगा।
3. किन जिलों के कॉलेजों पर जांच हो रही है?
पटना, नालंदा, गया, भोजपुर, मुजफ्फरपुर और दरभंगा जिलों के 15 संस्थान जांच के दायरे में हैं।
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