7 फरवरी 2026 को महाराष्ट्र सरकार ने सार्वजनिक अवकाश (पेड लीव) घोषित किया है। इस दिन सरकारी दफ्तर, स्कूल, कॉलेज और कई निजी संस्थान बंद रहेंगे, जिससे कर्मचारी अपने मताधिकार का प्रयोग लोकतांत्रिक तरीके से कर सकें।
यह छुट्टी वोटिंग-सम्बंधित कार्य को ध्यान में रखकर घोषित की गई है, क्योंकि उसी दिन महाराष्ट्र के कई जिलों में जिला परिषद और पंचायत चुनाव भी होंगे। चुनाव के दिन लोगों को अपने मतदान का अधिकार बड़ी सुविधा से उपयोग करने का मौका मिल सके, इसके लिए यह कदम उठाया गया है।
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कौन-कौन से स्थानों पर लागू है छुट्टी?
छुट्टी का निर्णय महाराष्ट्र सरकार ने अपने सरकारी और निजी क्षेत्रों में लागू किया है। इसके तहत:
• सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे
• प्राइवेट कंपनियों, फैक्ट्रियों और आईटी पार्कों में अवकाश है
• शॉपिंग मॉल, रिटेल आउटलेट, होटल, रेस्टोरेंट आदि को भी पेड लीव देना जरूरी है
• सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी रहेगी, ताकि छात्र-युवक मतदान कर सकें
क्या यह छुट्टी सिर्फ सरकारी कर्मचारी के लिए है?
महाराष्ट्र के उद्योग, ऊर्जा और श्रम विभाग द्वारा जारी यह आदेश केवल सरकारी दफ्तरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि निजी क्षेत्र के तमाम संस्थानों पर भी अनिवार्य रूप से लागू होगा। सरकार के निर्देशानुसार, राज्य की सभी निजी कंपनियों, फैक्ट्रियों, आईटी (IT) पार्क्स और बिजनेस यूनिट्स में 7 फरवरी को अवकाश देना अनिवार्य है। इसके साथ ही, शॉपिंग मॉल्स, रिटेल आउटलेट्स, शोरूम, होटल, रेस्टोरेंट और थिएटर जैसे सभी कमर्शियल प्रतिष्ठानों को भी इस आदेश के दायरे में रखा गया है।
आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि मतदान के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए इन सभी क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को ‘पेड लीव’ की सुविधा प्रदान करना हर नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी। यह फैसला इसलिए लिया गया है, ताकि स्थानीय निकाय चुनावों में अधिकतम मतदान सुनिश्चित किया जा सके। यह आदेश उन कर्मचारियों पर भी लागू होगा जो चुनावी क्षेत्र के वोटर हैं, भले ही उनकी कंपनी चुनाव वाले क्षेत्र से बाहर हो।
मतदान को लेकर पेड लीव का महत्व
मतदान लोकतंत्र का अहम हिस्सा है। भारत में हर पंजीकृत नागरिक को अपना मत देने का अधिकार है। कभी-कभी काम के कारण कई लोग अपना मत देने नहीं जा पाते, ऐसे में छुट्टी देना जरूरी माना जाता है। सरकार ने यह आदेश इसलिए जारी किया है ताकि हर पंजीकृत मतदाता अपने मत का इस्तेमाल करने से वंचित न रहे और बड़ी संख्या में लोग मतदान केंद्रों तक पहुंच सकें।
स्कूलों-कॉलेजों पर असर
7 फरवरी को होने वाले चुनावों का असर शैक्षणिक संस्थानों पर भी देखने को मिलेगा। दरअसल, अधिकांश स्कूलों और कॉलेजों की इमारतों का उपयोग मतदान केंद्र (Polling Stations) के रूप में किया जाता है। इसके अलावा, शिक्षा विभाग के हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने में लगाई गई है।
शिक्षण संस्थानों में मतदान केंद्र होने और स्टाफ की कमी के चलते 7 फरवरी को स्कूल और कॉलेजों में भी छुट्टी रहेगी। इस संबंध में अंतिम आदेश संबंधित शैक्षणिक संस्थानों की ओर से जारी किए जाएंगे।
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FAQs
Q1. 7 फरवरी 2026 को छुट्टी क्यों घोषित की गई है?
7 फरवरी 2026 को कई जिलों में चुनाव और मतदान होने के कारण सरकार ने छुट्टी घोषित की है, ताकि मतदाता बिना किसी परेशानी के अपने वोट का इस्तेमाल कर सकें।
Q2. किन जिलों में 7 फरवरी को छुट्टी रहेगी?
जिन जिलों में उस दिन मतदान होना है, वहां स्कूल, कॉलेज, बैंक और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। जिलों की पूरी सूची स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी की जाती है।
Q3. क्या प्राइवेट स्कूल और कॉलेज भी बंद रहेंगे?
हां, अधिकतर मामलों में निजी स्कूल और कॉलेज भी सरकारी आदेश के अनुसार बंद रखे जाते हैं, खासकर जब मतदान होता है।
Q4. क्या निजी कंपनियों के कर्मचारियों को भी छुट्टी मिलेगी?
हां, चुनाव के दिन मतदाताओं को पेड छुट्टी देना कानूनी रूप से जरूरी होता है, ताकि वे वोट डाल सकें।






