पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में चल रहे SIR (Special Intensive Revision) अभियान के दौरान करीब 91 लाख वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। यह आंकड़ा काफी बड़ा माना जा रहा है, जिससे राजनीतिक और आम लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
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क्या है SIR अभियान?
SIR यानी Special Intensive Revision एक विशेष प्रक्रिया होती है, जिसमें मतदाता सूची को अपडेट किया जाता है।
इस दौरान:
• फर्जी या डुप्लीकेट नाम हटाए जाते हैं
• मृत लोगों के नाम हटाए जाते हैं
• जिन लोगों ने स्थान बदल लिया है, उनके नाम हटाए जाते हैं
• नए मतदाताओं को जोड़ा जाता है
न्यायिक अधिकारियों के ई-हस्ताक्षर होते ही जारी होंगे आंकड़े
जबकि पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, न्यायिक निर्णय के लिए भेजे गए कुल 60,06,675 मामलों में से 59,84,512 मामलों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जिन पर न्यायिक अधिकारियों के ई-हस्ताक्षर भी हो चुके हैं। इसके अलावा, 59,84,512 मामलों में से, जिन मतदाताओं को न्यायिक अधिकारियों द्वारा हटाए जाने योग्य माना गया है। उनके नामों को हटा दिया गया है। उनकी संख्या 27,16,393 है।
91 लाख नाम हटने की वजह क्या है?
इतनी बड़ी संख्या में नाम हटने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं:
• एक ही व्यक्ति के नाम का बार-बार दर्ज होना
• मृत्यु के बाद नाम न हटना
• दूसरे जिले या राज्य में शिफ्ट होना
• दस्तावेजों में गड़बड़ी
• सत्यापन के दौरान जानकारी न मिलना
मुर्शिदाबाद में सबसे ज्यादा असर
CEO कार्यालय से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, न्यायिक जांच अभ्यास के दौरान “हटाने लायक” पाए गए मामलों की सबसे अधिक संख्या अल्पसंख्यक-बहुल मुर्शिदाबाद जिले से थी। मुर्शिदाबाद से हटाए गए नामों की कुल संख्या 4,55,137 है।
इसके बाद उत्तर 24 परगना का नंबर आता है। जहां 3,25,666 नाम हटाए गए। बता दे कि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे। पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होगा और दूसरे चरण में बाकी 142 सीटों पर मतदान होगा। इसके बाद चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
कैसे चेक करें अपना नाम?
आप अपना नाम मतदाता सूची में इस तरह चेक कर सकते हैं:
आधिकारिक वोटर लिस्ट वेबसाइट पर जाएं
अपना नाम, जिला या वोटर ID डालें
सर्च करें
अगर नाम नहीं दिखे, तो सुधार के लिए आवेदन करें
नाम हटने पर क्या करें?
अगर आपका नाम मतदाता सूची से हट गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है।
आप:
फॉर्म 6 भरकर नया नाम जुड़वा सकते हैं
फॉर्म 8 के जरिए सुधार कर सकते हैं
नजदीकी बूथ लेवल अधिकारी (BLO) से संपर्क कर सकते हैं
चुनाव पर क्या असर पड़ेगा?
इतनी बड़ी संख्या में नाम हटने से चुनावी समीकरण पर असर पड़ सकता है।
• वोटिंग प्रतिशत बदल सकता है
• राजनीतिक पार्टियों की रणनीति प्रभावित हो सकती है
• नए मतदाताओं को जोड़ने पर जोर बढ़ेगा






