एक BSF जवान जिसने अपनी ज़िंदगी के 14 साल बॉर्डर पर खड़े होकर देश की सुरक्षा में लगा दिए… बताया जा रहा है कि वह जवान पूरे 14 साल तक BSF में सेवा देने के बाद भी National Pension System (NPS) में जमा हुई अपनी राशि प्राप्त नहीं कर पा रहा है। यह मुद्दा सामने आने के बाद न सिर्फ NPS सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि कई अन्य जवान और कर्मचारी भी अपनी शिकायतें साझा कर रहे हैं।
लेकिन जब वही जवान रिटायर होने के बाद अपनी NPS (National Pension System) की जमा राशि लेने जाता है—तो उसे सिर्फ उलझन, टालमटोल और क्लेम रिजेक्शन मिलता है।

BSF NPS Issue 2025 में कौन-कौन से नियम BSF जवानों को प्रभावित करते हैं?
- NPS से राशि निकालना केवल exit rules के तहत संभव है।
- 10+ वर्ष सेवा वाले कर्मचारी:
- 20% राशि lump sum
- 80% annuity
ले सकते हैं।
- पूरी राशि तब तक नहीं मिलती जब तक सभी दस्तावेज़ पूरी तरह verified न हों।
- यदि कर्मचारी resign करता है, तो पूरी प्रक्रिया और भी लंबी हो जाती है।
पेंशन स्कीम पर क्यों उठ रहे सवाल?
• अगर जवान रिटायर होकर भी अपनी ही कमाई न ले पाए
तो सिस्टम का मकसद क्या है?
• अगर रिकॉर्ड में गलती department की हो
तो जवान क्यों भुगते?
• अगर claim प्रोसेसिंग में transparency ही नहीं
तो pension सुरक्षा का भरोसा कैसे बने?
ये सवाल सिर्फ एक जवान का नहीं…
ये हर उस इंसान का सवाल है जिसने अपने जीवन के सुनहरे साल देश को दिए हैं।

Final Words – सिस्टम सुधरना जरूरी है
BSF: 14 साल नौकरी करने वाले जवान को NPS में जमा राशि नहीं मिल रही…
यह सिर्फ एक line नहीं—ये एक दर्द है, एक problem है, और एक warning भी। देश की रक्षा करने वालों को “अपने ही पैसे पाने के लिए लड़ना पड़े”, ये situation किसी भी मजबूत democracy के लिए ठीक नहीं है। NPS system को सरल, पारदर्शी और soldiers-friendly बनाना समय की मांग है।
निर्देश:
यह लेख केवल सूचना और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दिए गए सभी facts उपलब्ध reports, जवानों की शिकायतों और सामान्य NPS rules के आधार पर समझाए गए हैं। पाठक किसी भी financial निर्णय से पहले संबंधित अधिकृत संस्था या अधिकारी से सलाह लें।
इसे भी पढ़े: Indian Army Recruitment 2025: आवेदन की आखिरी तारीख आज, पात्र उम्मीदवार तुरंत करें अप्लाई






