घर खरीदने का सपना हर व्यक्ति देखता है। इसके लिए ज्यादातर लोग होम लोन का सहारा लेते हैं। ऐसे में सरकार की ओर से मिलने वाली टैक्स छूट आम लोगों के लिए बड़ी राहत होती है। हाल ही में पेश किए गए बजट में होम लोन पर मिलने वाली ब्याज की टैक्स छूट को लेकर सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। इस फैसले से लाखों लोगों को सीधा फायदा मिल सकता है।
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होम लोन पर टैक्स छूट क्या होती है
बजट दस्तावेज के अनुसार, इनकम टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 22 हाउस प्रॉपर्टी से होने वाली इनकम के मामले में कटौतियों से संबंधित है।बजट दस्तावेज में कहा गया है कि सेक्शन 22 (2) के अनुसार, सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी के मामले में कुल डिडक्शन की रकम 2 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होगी, अगर प्रॉपर्टी उधार लिए गए पैसे से खरीदी या बनाई गई है। हालांकि, 2 लाख रुपये की इस लिमिट में प्रॉपर्टी खरीदने या बनाने के लिए पिछले समय के देय ब्याज का डिडक्शन शामिल नहीं है।
दस्तावेज में बताया गया है कि एक्ट का सेक्शन 22, इनकम-टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 24 के बराबर है। पुराने 1961 के एक्ट के तहत, उधार ली गई पूंजी पर ब्याज के लिए कटौती की कुल राशि में पिछले समय का देय ब्याज शामिल था।
पहले कितनी टैक्स छूट मिलती थी
अब तक होम लोन के ब्याज पर अधिकतम ₹2 लाख तक की टैक्स छूट मिलती थी, अगर घर खुद के रहने के लिए लिया गया हो।
अगर घर किराए पर दिया गया है, तो ब्याज पर छूट की कोई तय सीमा नहीं थी।
इसके अलावा, कुछ खास योजनाओं के तहत अतिरिक्त छूट भी मिलती थी।
बजट में सरकार ने क्या बड़ा फैसला लिया
डिविडेंड इनकम या म्यूचुअल फंड से होने वाली कमाई पर ये फैसला
यूनियन बजट 2026 में यह प्रस्ताव दिया गया है कि डिविडेंड इनकम या म्यूचुअल फंड की यूनिट्स से होने वाली इनकम से जुड़े किसी भी इंटरेस्ट खर्च पर कोई डिडक्शन नहीं दिया जाएगा।
बजट डॉक्यूमेंट्स में कहा गया है, “यह प्रस्ताव है कि डिविडेंड इनकम या म्यूचुअल फंड की यूनिट्स से होने वाली इनकम के संबंध में किए गए किसी भी इंटरेस्ट खर्च पर कोई डिडक्शन नहीं दिया जाएगा, और ऐसी डिडक्शन की अनुमति देने वाले मौजूदा प्रावधान को एक तय लिमिट के अधीन हटा दिया जाएगा।”
पहली बार घर खरीदने वालों के लिए राहत
सरकार ने खासतौर पर पहली बार घर खरीदने वालों को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया है।
ऐसे लोगों को:
• अतिरिक्त टैक्स छूट
• सस्ती ब्याज दर
• सब्सिडी योजना का लाभ
• आसान लोन प्रक्रिया
रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा
होम लोन पर टैक्स छूट बढ़ने से रियल एस्टेट सेक्टर को भी फायदा होगा।
जब ज्यादा लोग घर खरीदेंगे, तो:
• निर्माण कार्य बढ़ेगा
• रोजगार के अवसर बनेंगे
• निवेश में तेजी आएगी
• अर्थव्यवस्था मजबूत होगी
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FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. होम लोन पर टैक्स छूट कितनी मिलती है?
अभी तक खुद के रहने वाले घर पर होम लोन के ब्याज पर अधिकतम ₹2 लाख तक टैक्स छूट मिलती थी। बजट 2026 में सरकार इसे बढ़ाने पर विचार कर रही है, जिससे टैक्स में और ज्यादा बचत हो सकती है।
Q2. क्या नई टैक्स छूट सभी होम लोन धारकों को मिलेगी?
नई टैक्स छूट मुख्य रूप से मिडिल क्लास परिवारों, पहली बार घर खरीदने वालों और अफोर्डेबल हाउसिंग से जुड़े लोगों को ज्यादा फायदा पहुंचाने के लिए लाई जा सकती है। हालांकि, अंतिम नियम सरकार की अधिसूचना के बाद साफ होंगे।
Q3. क्या जॉइंट होम लोन पर भी टैक्स छूट मिलती है?
हां, अगर आपने किसी के साथ जॉइंट होम लोन लिया है, तो दोनों लोग अलग-अलग टैक्स छूट ले सकते हैं, बशर्ते दोनों सह-स्वामी और सह-उधारकर्ता हों।






