लखनऊ से बड़ी खबर सामने आई है। अब आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे कर्मचारियों को भी रोजाना बॉयोमीट्रिक उपस्थिति (Biometric Attendance) दर्ज करानी होगी। प्रशासन ने इस व्यवस्था को लागू करने का फैसला लिया है, जिससे सरकारी दफ्तरों में कामकाज में पारदर्शिता और समयबद्धता लाई जा सके।
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इस तारीख से लागू होगी बॉयोमीट्रिक व्यवस्था
लखनऊ विश्वविद्यालय में पहली अब बॉयोमीट्रिक उपस्थिति आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को भी दर्ज करानी होगी। इस संबंध में कुलपति प्रो. जेपी सैनी के निर्देश पर कुलसचिव भावना मिश्रा ने बृहस्पतिवार को आदेश जारी कर दिया है। साथ ही विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों को उपस्थिति का ब्योरा हर माह दो तारीख को भेजना होगा तभी उनका वेतन निकल सकेगा।
किन कर्मचारियों पर लागू होगा नियम?
यह नियम लखनऊ के सभी सरकारी विभागों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों पर लागू होगा, जैसे—
- कार्यालय सहायक
- डाटा एंट्री ऑपरेटर
- चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
- सुरक्षा कर्मी
- सफाई कर्मचारी
क्यों लिया गया यह फैसला?
प्रशासन ने यह कदम कई कारणों से उठाया है—
- फर्जी हाजिरी पर रोक लगाने के लिए
- समय पर कार्यालय आने-जाने की निगरानी
- वेतन भुगतान में पारदर्शिता
- काम की गुणवत्ता में सुधार
कर्मचारियों को दी जाएगी जानकारी
बीते वर्ष एक शिक्षक के घर पर एक कर्मचारी काम करने के दौरान घायल भी हो गया था। कुलपति के इस निर्णय के बाद कर्मचारी को अपने कार्य स्थल पर रहना होगा। विभागाध्यक्ष अपने निजी काम उनसे नहीं ले सकेंगे। इसके अलावा अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 1 फरवरी से बॉयोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की गई है। वहीं शिक्षक अपनी उपस्थिति विभागों में पहले से दे रहे हैं।
कर्मचारियों के लिए जरूरी सलाह
- समय पर ऑफिस पहुंचे
- बॉयोमीट्रिक मशीन पर हाजिरी जरूर दर्ज करें
- किसी तकनीकी समस्या की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारी को दें
FAQs: आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की
1. आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए बॉयोमीट्रिक हाजिरी क्यों जरूरी की गई है?
सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि सरकारी दफ्तरों में फर्जी हाजिरी पर रोक लगे, कर्मचारी समय पर आएं और काम में पारदर्शिता बनी रहे। बॉयोमीट्रिक सिस्टम से यह साफ पता चलेगा कि कौन कर्मचारी नियमित रूप से काम कर रहा है और कौन नहीं।
2. क्या यह नियम सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों पर लागू होगा?
हाँ, यह नियम लखनऊ के सभी सरकारी विभागों में काम कर रहे आउटसोर्सिंग कर्मचारियों पर लागू होगा। इसमें ऑफिस स्टाफ, डाटा एंट्री ऑपरेटर, चपरासी, सफाई कर्मचारी, सुरक्षा गार्ड समेत सभी शामिल हैं।
3. क्या इससे आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन पर असर पड़ेगा?
हाँ, सीधा असर पड़ेगा। बॉयोमीट्रिक हाजिरी के आधार पर ही वेतन का भुगतान किया जाएगा। जितने दिन की उपस्थिति होगी, उसी हिसाब से सैलरी बनेगी। बिना हाजिरी के वेतन मिलने की संभावना नहीं रहेगी।
4. क्या यह व्यवस्था स्थायी रूप से लागू रहेगी?
जी हाँ, प्रशासन के संकेतों के अनुसार यह व्यवस्था लंबे समय तक लागू रह सकती है। अगर इससे कामकाज बेहतर होता है, तो इसे आगे भी जारी रखा जाएगा और अन्य जिलों में भी लागू किया जा सकता है।






