गुजरात हाईकोर्ट ने NEET UG MBBS एडमिशन प्रक्रिया 2025 से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामले को देखा। एक छात्रा को आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा नहीं करने के कारण नरेंद्र मोदी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश नहीं दिया गया था। छात्रा ने इस फैसले को चुनौती दी, और कोर्ट ने ACPC (Admission Committee for Professional Courses) को मामले की सुनवाई करते हुए MBBS प्रथम वर्ष में दाखिला देने का आदेश दिया।
मामला क्या था?
छात्रा ने NEET UG के आधार पर नरेंद्र मोदी मेडिकल कॉलेज में MBBS कोर्स के लिए Apply किया था। मेरिट के अनुसार सीट अलॉट होने के बावजूद एक औपचारिकता को पूरी करने में देरी के कारण उस छात्रा का एडमिशन रद्द कर दिया गया। छात्रा ने इसे अनुचित बताते हुए गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अब उसका नतीजा यह आया है की कोर्ट के अनुसार ACPC अब उस छात्रा को MBBS first year में दाखिला देना होगा।

गुजरात हाईकोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि छात्रा NEET UG मेरिट के आधार पर प्रवेश पाने की हकदार थी। संबंधित औपचारिकता मात्र तकनीकी थी, न कि योग्यतानुसार कोई कमी। ऐसी छोटी औपचारिक चूक के कारण छात्रा को MBBS सीट से वंचित करना न्यायसंगत नहीं है। इसी आधार पर अदालत ने ACPC को निर्देश दिया कि वह छात्रा को तुरंत MBBS फर्स्ट ईयर में प्रवेश दे।
ACPC को मिले मुख्य निर्देश
- छात्रा को नरेंद्र मोदी मेडिकल कॉलेज में MBBS प्रथम वर्ष में दाखिला दिया जाए।
- पूरी प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि छात्रा अपनी पढ़ाई शुरू कर सके।
- यह सुनिश्चित किया जाए कि छात्रा को पढ़ाई या सत्र में कोई नुकसान न हो।
यह फैसला क्यों महत्वपूर्ण है?
गुजरात हाईकोर्ट का यह निर्णय कई कारणों से छात्रों के लिए राहत लेकर आया है:
- तकनीकी त्रुटियों के कारण योग्य छात्रों का भविष्य बर्बाद नहीं होना चाहिए।
- एडमिशन प्रक्रिया में पारदर्शिता और लचीलापन दोनों का पालन जरूरी है।
- यह फैसला अन्य राज्यों और संस्थाओं के लिए भी दिशा-निर्देश का काम करेगा।

NEET UG एडमिशन प्रक्रिया का सीख
यह मामला छात्रों को यह समझाता है कि:
- एडमिशन से जुड़ी सभी औपचारिकताएँ समय पर पूरी करें।
- पोर्टल पर अपलोड होने वाले दस्तावेज़ों की जाँच पहले से करें।
- किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत एडमिशन कमिटी से संपर्क करें।
- अधिकारों के हनन या अनुचित निर्णय की स्थिति में अदालत एक विकल्प है।
निष्कर्ष
गुजरात हाईकोर्ट का यह निर्णय NEET UG MBBS एडमिशन प्रक्रिया में न्याय और पारदर्शिता को मजबूत बनाता है। नरेंद्र मोदी मेडिकल कॉलेज में छात्रा को दाखिला देने का कोर्ट का आदेश उन हजारों छात्रों के लिए उम्मीद का संदेश है जो छोटी तकनीकी समस्याओं के कारण कठिनाई का सामना करते हैं। आज का यह आर्टिकल आपको पसंद आया तो आप हमारे इस वेबसाईट के notification को allow करके हमे सपोर्ट कर सकते हैं।
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