केंद्र सरकार ने बीज विधेयक 2025 (Seed Bill 2025) का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इस विधेयक का मकसद देश में बीजों की गुणवत्ता सुधारना, किसानों को सही और भरोसेमंद बीज उपलब्ध कराना और नकली बीजों पर रोक लगाना है।
ड्राफ्ट बिल में छोटे श्रेणी के अपराधों को अपराधमुक्त किया जाना प्रस्तावित है, जिससे व्यापार सुगमता को बढ़ावा मिले और अनुपालन का बोझ कम हो। हालांकि इसके साथ ही अपराध के गंभीर उल्लंघन पर दंड के कड़े प्रावधान रखे गए हैं। सभी हितधारकों से ड्राफ्ट के प्रावधानों पर 11 दिसंबर 2025 तक सुझाव मांगे गए हैं।
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क्यों लाया गया बीज विधेयक 2025
- सभी प्रकार के बीजों का पंजीकरण बिक्री से पहले अनिवार्य है।
- बीज उत्पादकों को बाजार में बिकने वाले बीजों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करनी होगी।
- मानदंडों के पालन के लिए अधिकृत एजेंसियों द्वारा बीज सर्जिफिकेशन उपलब्ध कराए जाएंगे।
- बीजों की उचित लेबलिंग अनिवार्य है। इसमें वैरायटी, स्रोत, गुणवत्ता और अंकुरण दर बताना होगा।
- गलत विवरण या निम्न गुणवत्ता वाले बीजों की बिक्री पर कानूनी कार्रवाई एवं दंड का प्रविधान है।
- बीज परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी जो गुणवत्ता की जांच और विवाद निपटारे में सहायता करेंगी।
- बीजों का आयात निर्धारित नियमों के अनुसार ही हो सकेगा, ताकि खराब क्वालिटी के बीज न आ सकें।
किसानों के लिए क्या हैं नए प्रावधान
किसानों (farmer rights) को अपनी फसल से बीज रखने और उनका इस्तेमाल करने की छूट होगी। उन्हें इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। अगर बीज बताए गए विवरण के अनुसार प्रदर्शन नहीं करते तो किसानों को मुआवजा पाने का अधिकार होगा।
बीज विक्रेताओं के लिए नियम
बीज बेचने वाले दुकानदारों और व्यापारियों के लिए भी नए नियम बनाए गए हैं।
मुख्य नियम:
• सभी विक्रेताओं को लाइसेंस लेना जरूरी होगा
• बिना पंजीकरण बीज बेचने पर रोक
• बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा
• केवल प्रमाणित बीज ही बेच सकेंगे
• जांच में सहयोग करना अनिवार्य होगा
बीज कंपनियों के लिए नए नियम
- बीज कंपनियों के लिए पारदर्शी रिकॉर्ड रखना और नियमित ऑडिट अनिवार्य होगा।
- बीज वितरकों और विक्रेताओं के लिए लाइसेंसिंग अनिवार्य होगी, बिना लाइसेंस के व्यापार वर्जित होगा।
- बीज विक्रेताओं के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों में स्टॉक की रिपोर्टिंग और दिशानिर्देशों का पालन शामिल है।
नियम तोड़ने वालों के लिए क्या है सजा
ड्राफ्ट में अपराध के अनुसार दंड को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में रखा गया है- माइनर, मॉडरेट और मेजर। पहली बार (माइनर) अपराध करने पर व्यक्ति को लिखित नोटिस दिया जाएगा। तीन साल के भीतर दोबारा दोबारा अपराध करने पर 50,000 रुपये जुर्माना लगेगा। मॉडरेट श्रेणी में पहली बार अपराध करने वाले पर एक लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। तीन साल के भीतर दोबारा अपराध करने पर व्यक्ति पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
मेजर यानी बड़े अपराध करने पर पहली बार 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। पांच साल के भीतर दोबारा अपराध करने पर जुर्माने की रकम बढ़ कर 20 लाख रुपये हो जाएगी। उसके पांच साल के भीतर अगर तीसरी बार अपराध पकड़ा गया तो उस पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा और डीलर रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है। जुर्माने के साथ/अथवा तीन साल तक कैद की सजा का भी प्रावधान किया गया है।
शिकायत कैसे कर सकेंगे किसान
अगर किसी किसान को खराब बीज मिलता है, तो वह संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज करा सकता है।
शिकायत करने के तरीके:
• कृषि विभाग कार्यालय में संपर्क
• ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत
• हेल्पलाइन नंबर पर कॉल
• जिला अधिकारी से मिलकर शिकायत
किसानों पर क्या होगा असर
बीज विधेयक 2025 लागू होने के बाद किसानों को कई फायदे मिलने की उम्मीद है।
• अच्छी फसल उत्पादन
• कम नुकसान
• बेहतर आमदनी
• भरोसेमंद सप्लाई
• मानसिक तनाव में कमी
FAQs – बीज विधेयक 2025
Q1. बीज विधेयक 2025 क्या है?
बीज विधेयक 2025 एक नया कानून है, जिसका उद्देश्य देश में बीजों की गुणवत्ता सुधारना और नकली बीज पर रोक लगाना है।
Q2. इस विधेयक से किसानों को क्या फायदा होगा?
किसानों को प्रमाणित बीज मिलेगा, नुकसान होने पर मुआवजा मिलेगा और शिकायत करने का अधिकार मिलेगा।
Q3. नियम तोड़ने पर क्या सजा मिलेगी?
नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना, लाइसेंस रद्द और गंभीर मामलों में जेल की सजा भी हो सकती है।






