उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए 19 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों के बैंक खातों में 944 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति ट्रांसफर कर दी है। इस कदम से गरीब, मध्यम वर्ग और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को पढ़ाई जारी रखने में काफी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार लगातार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। इसी कड़ी में यह स्कॉलरशिप राशि सीधे छात्रों के खातों में भेजी गई है, ताकि कोई बिचौलिया न हो और पैसा सही व्यक्ति तक पहुंचे।
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गणतंत्र दिवस पर छात्र-छात्राओं को बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम को सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि सरकार शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वंचित को वरीयता, पिछड़ों को प्राथमिकता” विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी छात्र शिक्षा से वंचित न रहे। तकनीक के माध्यम से ई-गवर्नेंस को ईजी गवर्नेंस में बदला गया है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।
कितनी राशि हुई ट्रांसफर?
सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार –
- कुल लाभार्थी छात्र: लगभग 19 लाख
- कुल राशि: करीब 944 करोड़ रुपये
- पैसा: सीधे बैंक खाते में (DBT के माध्यम से)
कैसे किया गया स्कॉलरशिप का वितरण?
सरकार ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया है –
- छात्र ने स्कॉलरशिप पोर्टल पर आवेदन किया
- स्कूल/कॉलेज ने सत्यापन किया
- विभाग द्वारा जांच पूरी हुई
- पैसा सीधे बैंक खाते में भेजा गया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्व सरकारों ने गरीबों के बच्चों की पढ़ाई पर कभी ध्यान नहीं दिया। 12 बजे तक सोकर उठने वाले बबुआ को गरीबों के बच्चों की चिंता कहां से होगी? जो सूरज निकलने के बाद उठे, उसे सूर्योदय की बात भी फिजूल लगेगी। ऐसे लोग न प्रदेश की चिंता कर सकते हैं और न ही गरीबों की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार की नीयत साफ होती है और नीति स्पष्ट होती है, तब भ्रष्टाचार रूपी दानव पर नियंत्रण संभव होता है। पहले छात्रवृत्ति योजनाएं कई स्तरों पर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती थीं। कभी सरकार की नीयत खराब होती थी, कभी परिवारवाद आड़े आता था, कभी विभागीय भ्रष्टाचार के कारण पैसा गरीब छात्रों तक नहीं पहुंचता था। आज डीबीटी के माध्यम से एक क्लिक में सभी वर्गों के करीब 19 लाख छात्रों के खातों में पैसा पहुंचा, बिना किसी भेदभाव के।
शिक्षा ढांचे में ऐतिहासिक सुधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों की स्थिति बदली गई है। अब विद्यालयों में भवन, शिक्षक, सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध है। आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी शिक्षा, पोषण मिशन, कस्तूरबा गांधी विद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय और कम्पोजिट स्कूलों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को सशक्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने अभ्युदय कोचिंग योजना के तहत नीट, जेईई और यूपीएससी की तैयारी की सुविधा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्किल डेवलपमेंट, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। हर गांव में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और मेरठ में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण किया जा रहा है।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
1. यूपी स्कॉलरशिप योजना का लाभ किन छात्रों को मिलता है?
इस योजना का लाभ SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को मिलता है। इसमें कक्षा 9 से लेकर कॉलेज और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी शामिल हैं।
2. यूपी स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कैसे करें?
छात्र यूपी सरकार के आधिकारिक स्कॉलरशिप पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, बैंक खाता और शैक्षणिक दस्तावेज जरूरी होते हैं।
3. क्या हर साल स्कॉलरशिप मिलती है?
हां, योग्य छात्र हर साल आवेदन करके इस योजना का लाभ ले सकते हैं, बशर्ते वे सभी नियमों को पूरा करते हों।
4. सरकार ने कितनी राशि छात्रों के खातों में ट्रांसफर की है?
योगी सरकार ने करीब 944 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप राशि लगभग 19 लाख छात्रों के बैंक खातों में ट्रांसफर की है।






