उत्तर प्रदेश सरकार आज एक बड़ा फैसला लेने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में कुल 29 प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। इनमें सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव है प्रदेश के शिक्षकों, शिक्षामित्रों और स्कूल कर्मचारियों को कैशलेस मेडिकल सुविधा देने का। यह फैसला लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है। लंबे समय से शिक्षक संगठन इस सुविधा की मांग कर रहे थे, जिसे अब सरकार पूरा करने जा रही है।
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क्या है कैशलेस मेडिकल सुविधा
कैशलेस मेडिकल सुविधा का मतलब है कि इलाज के समय मरीज को अस्पताल में पैसे जमा नहीं करने होंगे। इलाज का पूरा खर्च सरकार या बीमा योजना के तहत सीधे अस्पताल को दिया जाएगा।
इस सुविधा के तहत शिक्षक और शिक्षामित्र सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में बिना पैसे दिए इलाज करा सकेंगे। इससे उन्हें बड़ी बीमारियों या ऑपरेशन के समय आर्थिक परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी।
किन लोगों को मिलेगा इस योजना का लाभ
उत्तर प्रदेश के शिक्षकों, शिक्षामित्रों को अब कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इन्हें पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। खास बात यह है कि यह लाभ स्ववित्त पोषित स्कूलों के शिक्षकों को भी दिया जाना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में प्रदेश कैबिनेट की बैठक गुरुवार को होगी। सुबह 11 बजे से लोक भवन में होने वाली इस बैठक में शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव के साथ ही 29 से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा
योगी सरकार इस साल होने वाले शिक्षक व स्नातक कोटे की 11 एमएलसी सीटों के चुनाव से पूर्व प्रदेश के माध्यमिक और बेसिक शिक्षकों, शिक्षामित्रों को बड़ा तोहफा देने जा रही है। प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों तथा स्ववित्त पोषित माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, वार्डन, रसोइया व उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने का प्रस्ताव है। इससे पांच लाख से अधिक शिक्षक व अन्य लाभान्वित होंगे
कैबिनेट बैठक में क्या होगा फैसला
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वर्ष 2012 से पहले की सहमति न होने के कारण बंद पड़े प्रदेश के पांच हजार से अधिक ईंट-भट्ठों को नियमों में ढील दिए जाने संबंधी पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। आईटी की विनिर्माण नीति की समय सीमा दो साल बढ़ाए जाने का प्रस्ताव भी कैबिनेट के समक्ष आएगा। नगर विकास विभाग के दो प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल हैं। इनमें एक विज्ञापन नीति में संशोधन और दूसरा अटल नवीनीकरण शहरी मिशन के तहत गोरखपुर नगर निगम से जुड़ा प्रस्ताव है। इसके अलावा आवास के दो और इंडस्ट्री के दो प्रस्ताव शामिल हैं।
इस योजना से शिक्षकों को क्या फायदा होगा
इस फैसले से शिक्षकों को कई तरह के फायदे मिलेंगे।
सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इलाज का खर्च अब उनकी जेब से नहीं जाएगा। गंभीर बीमारी के समय लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं, जिससे शिक्षक आर्थिक संकट में फंस जाते हैं। कैशलेस सुविधा से यह परेशानी खत्म हो जाएगी।
दूसरा फायदा यह है कि शिक्षक बिना चिंता के अच्छे अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे। उन्हें पैसों की वजह से इलाज टालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
तीसरा फायदा यह है कि इससे शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा। जब सरकार उनकी सेहत की चिंता करेगी, तो वे भी अपने काम को और बेहतर तरीके से करेंगे।
कब से लागू हो सकती है यह योजना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही इस योजना की घोषणा कर चुके हैं। अब इसे कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद लागू किया जाएगा।
अगर आज की बैठक में प्रस्ताव पास हो जाता है, तो आने वाले कुछ महीनों में यह योजना पूरे प्रदेश में शुरू हो सकती है। इसके लिए अलग से नियम और दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।
शिक्षकों और संगठनों की प्रतिक्रिया
शिक्षक संगठनों ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह फैसला बहुत पहले आ जाना चाहिए था।
शिक्षकों का मानना है कि वे समाज का भविष्य बनाते हैं, इसलिए उनकी सेहत की सुरक्षा बहुत जरूरी है। यह योजना उन्हें सम्मान और सुरक्षा दोनों देगी।
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FAQs
Q1. यूपी में कैशलेस मेडिकल सुविधा किसे मिलेगी?
उत्तर प्रदेश में यह सुविधा सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, मिड डे मील कर्मचारी और अन्य स्कूल स्टाफ को मिलेगी।
Q2. कैशलेस मेडिकल सुविधा का मतलब क्या है?
इसका मतलब है कि इलाज के समय अस्पताल में पैसे नहीं देने होंगे। इलाज का खर्च सरकार या बीमा योजना द्वारा सीधे अस्पताल को दिया जाएगा।
Q3. क्या निजी अस्पतालों में भी इलाज संभव होगा?
हां, इस योजना के तहत सरकारी के साथ-साथ मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में भी इलाज कराया जा सकेगा।
Q4. यह योजना कब से लागू होगी?
कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद आने वाले महीनों में इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा सकता है।






