अभी हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किया है की TET की परीक्षा मे वे शिक्षक शामिल नहीं हो पाएंगे जो पात्रता मानदंड को पुरा नहीं करते हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के साथ ही कई शिक्षकों की नौकरी पर संकट आ गया है। सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला इसलिए लिया है क्योंकि शिक्षा प्रणाली की प्रदर्शित और गुणवत्ता को बनाए रखा जा सके।
सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि शिक्षक की भर्ती प्रक्रिया में कोई समझौता नहीं किया जा सकता। इसलिए केवल वही उम्मीदवार TET परीक्षा में बैठ पाएंगे जो राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के पात्रता मानदंडों को पूरा करते हों।
किन शिक्षकों पर पड़ेगा असर?
इस आदेश का सबसे ज्यादा असर उन शिक्षकों पर पड़ेगा जिन्होंने बिना जरूरी प्रशिक्षण या योग्यता के नौकरी प्राप्त की थी। अब काफी शिक्षकों को अपने नौकरी से हाँथ धोना पड़ेगा। केवल वही शिक्षक अपनी नौकरी को बचा पायेगें जो राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के पात्रता मानदंडों कर रहे होंगे।

इससे प्रभावित शिक्षक वर्ग
- बिना D.El.Ed या B.Ed की डिग्री वाले शिक्षक इसकी चपेट मे आएंगे।
- जिन शिक्षकों ने अपना परीक्षण अधूरा छोड़ दिया है।
- अनुबंध पर कार्यरत लेकिन जो शिक्षक पात्रता मानदंड पूरे नहीं कर रहे।
सुप्रीम कोर्ट का तर्क
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के लिए यह जरूरी है कि शिक्षक पूर्णतः प्रशिक्षित और योग्य होने चाहिए। इसलिए, भर्ती प्रक्रिया में कोई समझौता नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट के इस बड़े फैसले पर आपका क्या कहना है आप Comment मे बता सकते हैं। क्या आपको सुप्रीम कोर्ट की यह नीति सही लगी?
TET परीक्षा की अहमियत
TET (Teacher Eligibility Test) प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षक भर्ती के लिए अनिवार्य परीक्षा है। जिससे यह पता चलता है शिक्षक की योग्यता, गुदवत्ता और उनसे पढ़ रहे विद्यार्थियों का भविष्य। अच्छे शिक्षक ही विद्यार्थियों के आने वाले अच्छे भविष्य व सफलता का कारण बनते हैं।
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TET परीक्षा से जुड़े मुख्य बिंदु
- बिना TET परीक्षा पास किए स्थायी शिक्षक की नौकरी नहीं मिल सकती।
- केवल NCTE (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) द्वारा निर्धारित मानदंड पूरे करने वाले उम्मीदवार ही परीक्षा दे पाएंगे।
- यह परीक्षा पूरे भारत देश मे अलग-अलग राज्यों में आयोजित की जाती है।
फैसले से जुड़े मुख्य प्रभाव
| श्रेणी | असर |
|---|---|
| वर्तमान शिक्षक (बिना डिग्री) | उनके नौकरी पर संकट |
| पात्रता पूरी करने वाले उम्मीदवार | परीक्षा में शामिल हो पाएंगे। |
| शिक्षा व्यवस्था | अधिक पारदर्शिता और गुणवत्ता |
| छात्रों पर असर | बेहतर प्रशिक्षित शिक्षक उपलब्ध होंगे |
आगे की संभावनाएँ
सरकार से यही उम्मीद की जा रही है कि वह इस फैसले से प्रभावित शिक्षकों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था ला सकती है।
इसके लिए सरकार द्वारा नीचे दिए गए ये संभवित कदम हो सकते हैं।
- अतिरिक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा सकता है।
- विशेष परीक्षा का आयोजन
- शिक्षकों को पात्रता पूरी करने के लिए समय देना
निष्कर्ष (Conclusion)
कुल मिलाकर, सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश TET परीक्षा और शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को काफी कड़ा और पारदर्शी बनाएगा। लेकिन साथ ही, हजारों शिक्षकों के सामने रोजगार का संकट भी खड़ा हो सकता है। अब सबकी नजर सरकार और शिक्षा विभाग के अगले कदम पर टिकी है। क्या आप सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से सहमत हैं, Comment मे बताएं।






