सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को स्थायी नौकरी के हित में बड़ा निर्णय लिया है। लंबे समय से स्थायी नौकरी की मांग कर रहे इन कर्मचारियों के लिए अब खुशखबरी आई है। सरकार ने इन्हें स्थायी करने के लिए नई नियमावली (Policy) तैयार कर ली है, जिससे लाखों कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
सरकार ने क्यों लिया यह निर्णय
पिछले कई सालों से आउटसोर्स कर्मचारी सरकारी विभागों में काम तो कर रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने फैसला किया कि जो कर्मचारी कई वर्षों से लगातार सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें अब स्थायित्व (Permanency) दिया जाएगा।

कौन होंगे इस फैसले से लाभान्वित?
यह कदम उन सभी कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा है जो कई सालों से कंप्यूटर ऑपरेटर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, चौकीदार, ड्राइवर, सफाईकर्मी, हेल्थ वर्कर जैसे पदों पर काम कर रहे हैं। इन कर्मचारियों की सेवा को अब सरकार “स्थायी” मानने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यानी जो कर्मचारी 5 साल या उससे अधिक समय से लगातार काम कर रहे हैं, उन्हें अब स्थायी किया जा सकता है।
क्या होगी नियमावली में खास बातें?
- सेवा में 5 साल से अधिक समय पूरे कर चुके कर्मचारी पात्र होंगे।
- चयन विभागीय समिति की रिपोर्ट और पात्रता के आधार पर किया जाएगा।
- स्थायी होने पर कर्मचारियों को नियमित वेतनमान, पीएफ, ईएसआई और अन्य सरकारी लाभ मिलेंगे।
- भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और मेरिट को प्राथमिकता दी जाएगी।

निष्कर्ष (Conclusion)
सरकार का यह फैसला आउटसोर्स कर्मचारियों के जीवन में नई उम्मीद की किरण लेकर आया है। अब वे कर्मचारी जो वर्षों से अस्थायी रूप से काम कर रहे हैं, उन्हें भी स्थायी नौकरी, वेतन और सुविधाओं का अधिकार मिलेगा। यह कदम न केवल रोजगार सुरक्षा की दिशा में है, बल्कि मेहनत, समर्पण और स्थायित्व की पहचान भी है। अब लाखों परिवारों के जीवन में खुशहाली और स्थिरता आने वाली है।






