NEET UG 2025 सीट अलॉटमेंट के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें NEET UG 420 अंक प्राप्त करने वाले एक छात्र ने अपने अलॉट हुए मेडिकल कॉलेज में MBBS में Admission लेने से मना कर दिया है। छात्र का कहना है कि जिस कॉलेज में उसे एडमिशन मिला है, वहाँ उसकी जान को खतरा हो सकता है, इसलिए वह वहाँ पढ़ाई नहीं करना चाहता है। जो कि बहुत चौकाने वाली खबर है।
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अभ्यर्थी ने MBBS एडमिशन क्यों ठुकराया?
छात्र के अनुसार, जिस कॉलेज में उसको सीट मिली है, वहाँ की स्थिति बहुत चिंताजनक है। उसने बताया कि उसे वहाँ निम्नलिखित चीजों से दर है :
- रैगिंग का डर है
- हॉस्टल असुरक्षित है
- कॉलेज के आसपास अपराध बढ़ रहा है
- माता–पिता भी वहाँ भेजने के पक्ष में नहीं हैं

420 अंक वाले अभ्यर्थी की समस्या क्यों बढ़ी?
420 अंक पाने वाले छात्रों को निम्न परेशानियाँ है:
- सरकारी मेडिकल कॉलेज नहीं मिलता
- रुरल या निजी कॉलेज में सीट अलॉट होती है
- दूरदराज क्षेत्रों के कॉलेज विकल्प में आते हैं
अन्य NEET उम्मीदवारों की प्रतिक्रिया
इस मामले के सामने आने के बाद कई अभ्यर्थियों ने कहा:
- “सुरक्षा सबसे पहले, एडमिशन बाद में।”
- “NMC को ऐसे कॉलेजों की तुरंत जांच करनी चाहिए।”
- “छात्रों का मनोबल इस तरह की घटनाओं से टूटता है।”
अभ्यर्थी अब क्या करेगा?
अभ्यर्थी ने बताया कि:
- वह अगले राउंड के अपग्रेडेशन का वेट करेगा
- अगर अच्छी सीट नहीं मिली, तो ड्रॉप लेकर दोबारा तैयारी करेगा
- अपनी सुरक्षा और भविष्य दोनों को ध्यान में रखकर फैसला लेगा

निष्कर्ष (Conclusion)
NEET UG जैसी परीक्षा में सीट मिलना हर छात्र का सपना होता है, लेकिन सुरक्षा उससे भी जरूरी है। इसलिए सुरक्षित रहे जीवन रहेगा तो बहुत सी सीट मिलेंगी लेकिन सरकार को भी इसपे ध्यान देना चाहिए। ये कितनी बड़ी बात अभी भी इस आधुनिक समय मे जो की सही नहीं है। ऐसी जरूरी जानकारी के लिए हमारी वेबसाईट के Notification को Allow कर ले धन्यवाद !






