NEET UG काउंसलिंग को लेकर एक बार फिर बड़ी खबर सामने आई है। देश के कई मेडिकल कॉलेजों में MBBS की सीटें फिर से खाली रह गई हैं, जिसके बाद हजारों छात्रों के बीच एक बार फिर उम्मीद की किरण दिखाई दी है। खास बात यह है कि कोर्ट के आदेश के बाद अब छठा राउंड (Special/Extra Round) काउंसलिंग होने की संभावना बढ़ गई है।
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क्यों खाली रह गईं MBBS सीटें?
हर साल की तरह इस बार भी NEET UG काउंसलिंग के कई राउंड हुए, लेकिन इसके बावजूद:
- कुछ छात्रों ने सीट अलॉट होने के बाद एडमिशन नहीं लिया
- कई उम्मीदवारों ने बेहतर कॉलेज के लिए सीट छोड़ दी
- ऑल इंडिया कोटा और स्टेट कोटा में सीटों का सही समायोजन नहीं हो पाया
कोर्ट के आदेश से बदला हालात
MBBS सीटें खाली रहने के मामले को लेकर कुछ छात्रों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि:
“जब सीटें खाली हैं, तो योग्य छात्रों को मौका मिलना चाहिए।”
कोर्ट के इसी आदेश के बाद NEET UG काउंसलिंग का छठा राउंड कराने का रास्ता साफ होता दिख रहा है।

स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड: क्या है ये नया राउंड?
MCC ने दिसंबर 2025 में स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड का ऐलान किया, जो सामान्य मॉप-अप राउंड से अलग है। इसमें केवल वैकेंट सीटें ही भरी जा रही हैं। पहला राउंड 18 दिसंबर से 31 दिसंबर तक चला, जिसमें रजिस्ट्रेशन, चॉइस फिलिंग और अलॉटमेंट हुआ। अगर सीटें फिर बचीं, तो जनवरी 2026 में दूसरा राउंड शुरू होगा। खास बात ये है कि इस राउंड में कटऑफ बहुत कम रखी गई है। प्राइवेट कॉलेजों में जनरल कैटेगरी के लिए भी 200-300 मार्क्स पर सीटें मिल रही हैं, जबकि रिजर्व्ड कैटेगरी में और कम। कुछ रिपोर्ट्स में तो 114 मार्क्स पर महाराष्ट्र के एक कॉलेज में एडमिशन की खबर आई है। स्टेट लेवल काउंसलिंग में भी इंस्टीट्यूट लेवल राउंड्स चल रहे हैं, जहां मैनेजमेंट कोटा के अलावा वैकेंट सीटें कम स्कोर वालों को ऑफर की जा रही हैं। ये राउंड उन स्टूडेंट्स के लिए है जो पहले राउंड्स में शामिल नहीं हो सके या सीट सरेंडर कर चुके हैं।
छठा राउंड कब हो सकता है?
हालांकि MCC (Medical Counselling Committee) ने अभी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन कोर्ट के निर्देश के बाद माना जा रहा है कि:
- जल्द ही छठे राउंड की अधिसूचना जारी हो सकती है
- रजिस्ट्रेशन का मौका फिर से दिया जा सकता है
- चॉइस फिलिंग और सीट अलॉटमेंट प्रक्रिया दोबारा होगी
मेडिकल शिक्षा को होगा फायदा
अगर छठा राउंड होता है तो इसका फायदा सिर्फ छात्रों को ही नहीं, बल्कि:
- मेडिकल कॉलेजों की सीटें खाली नहीं रहेंगी
- डॉक्टरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी
- मेडिकल शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी
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FAQs: NEET UG MBBS Seat
Q1. NEET UG में फिर MBBS की सीटें क्यों खाली रह गईं?
कई छात्रों ने सीट मिलने के बाद एडमिशन नहीं लिया, कुछ ने बेहतर कॉलेज के लिए सीट छोड़ दी और कोटा एडजस्टमेंट सही से नहीं हो पाया, जिससे MBBS की सीटें खाली रह गईं।
Q2. क्या NEET UG का छठा राउंड काउंसलिंग होगा?
कोर्ट के आदेश के बाद छठा राउंड (स्पेशल राउंड) काउंसलिंग होने की संभावना बढ़ गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि MCC द्वारा की जानी बाकी है।
Q3. कोर्ट ने इस मामले में क्या कहा है?
कोर्ट ने कहा है कि जब MBBS सीटें खाली हैं, तो योग्य छात्रों को मौका दिया जाना चाहिए। इसी आधार पर अतिरिक्त काउंसलिंग की उम्मीद जगी है।
Q4. छठा राउंड होने से क्या फायदा होगा?
इससे खाली सीटें भरेंगी, छात्रों को अतिरिक्त मौका मिलेगा और मेडिकल शिक्षा प्रणाली को मजबूती मिलेगी।






